जनवादी लेखक संघ बाँदा की “संवाद गोष्ठी” बांदा : 18 जनवरी: जनवादी लेखक संघ बांदा के तत्वाधान मे चल रही संवाद गोष्ठियों की श्रृंखला के अन्तर्गत दिनांक 17 जनवरी 2016 को जनपद बांदा में व 18 जनवरी 2016 को … Continue reading
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इलाहाबाद : 10 जनवरी : हिन्दी कथा और संपादन के नामी उस्ताद रवीन्द्र कालिया को श्रद्धांजलि देने के लिए इलाहाबाद का साहित्यिक समुदाय 10 जनवरी को इलाहाबाद वि वि के हॉलैंड हॉल में उमड़ पड़ा। इसका आयोजन जनवादी लेखक संघ, … Continue reading
‘किसान की आत्महत्या देश की आत्महत्या’ : संजीव दिल्ली : 20 दिसम्बर : जनवादी लेखक संघ दिल्ली द्वारा दिनांक 19 दिसम्बर को संजीव के उपन्यास पर फांस पर एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया. गोष्ठी में उपन्यास की … Continue reading
नयी दिल्ली : 10 जनवरी 016: लीवर सिरोसिस की असाध्य बीमारी से सालों संघर्ष करने के बाद रवींद्र कालिया कल इस दुनिया में नहीं रहे. वे साठोत्तरी कहानी के एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधि थे और एक प्रखर, नवोन्मेषी साहित्यिक सम्पादक के रूप … Continue reading
नयी दिल्ली : 27 दिसंबर : जनवादी लेखक संघ हिन्दी के महत्वपूर्ण कवि, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता पंकज सिंह के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करता है. दिल्ली के अपने आवास में 26-12-2015 को दिल के दौरे से उनका … Continue reading
संजीव कुमार आज जब भाई गौरीनाथ की फ़ैसलाकुन धमकी के बाद यह टिप्पणी लिखने बैठा हूँ, मोदी को बिहार की जनता की ओर से करारा जवाब दिया जा चुका है. साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की निर्लज्ज कोशिशों और विकास की हवाई … Continue reading
भीष्म साहनी विशेषांक अनुक्रम संपादकीय: सांप्रदायिक फ़ासीवाद के ‘अच्छे दिनों’ में भीष्म साहनी / 3 नज़रिया ख़त्म नहीं होती साहित्य की सार्थकता: भीष्म साहनी / 7 अंतरंग भीष्म: मेरे पति और लेखक: शीला साहनी / 11 हम सबके भीष्म प् … Continue reading
साथियो, जैसा कि आप जानते हैं, देश में हालात बहुत सामान्य नहीं हैं. २०१४ में हुए अपने राष्ट्रीय सम्मलेन में हमने ‘इलाहाबाद घोषणा’ के रूप में जिन ख़तरों की ओर इशारा किया था, वे तेज़ी से हक़ीक़त की शक्ल ले … Continue reading
नयी दिल्ली : 25 नवंबर : रामनाथ गोयनका एक्सेलेंस इन जर्नलिज्म़ अवार्ड्स के आठवें संस्करण के मौक़े पर अभिनेता आमिर ख़ान ने समाज में गहरे उतरती असुरक्षा और भय की भावना का ज़िक्र करते हुए लेखकों, कलाकारों, इतिहासकारों और वैज्ञानिकों … Continue reading
नयी दिल्ली: 8 नवंबर, कल अनुपम खेर के नेतृत्व में भारत की सहिष्णुता के अक्षत होने का दावा करते हुए जो ‘मार्च फॉर इंडिया’ आयोजित किया गया, वह स्वयं विडम्बनापूर्ण तरीक़े से देश में बढ़ती हुई असहिष्णुता का एक नमूना … Continue reading