स्मृतिशेष : मुकेश मानस

नयी दिल्ली 5 अक्टूबर 2021 : हिंदी दलित साहित्य के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर, युवा लेखक मुकेश मानस का असमय निधन हिंदी साहित्य और जनवादी आंदोलन से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ा आघात है। 15 अगस्त 1973 को बुलंदशहर में जन्मे … Continue reading

अलविदा, साथी अली जावेद

नयी दिल्ली : 31 अगस्त : इस कठिन समय में साथी अली जावेद का जाना तरक़्क़ीपसंद-जम्हूरियतपसंद तहरीक के लिए एक सदमा है। वे अभी सत्तर के भी नहीं हुए थे। 13 अगस्त को उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ। तत्काल वे एक … Continue reading

अलविदा, सूरजपाल चौहान!

नयी दिल्ली : 16 जून : हिंदी दलित साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षर, सूरजपाल चौहान (20 अप्रैल 1955 – 15 जून 2021) का निधन अस्मितामूलक लेखन की बड़ी क्षति है। सूरजपाल जी का जन्म अलीगढ़ ज़िले के फुसावली गांव में हुआ … Continue reading

गुजराती साहित्य अकादमी, शर्म करो!

नयी दिल्‍ली : 11जून 2021: जनवादी लेखक संघ गुजराती साहित्य अकादमी की पत्रिका, शब्दसृष्टि में प्रकाशित संपादकीय में कथित ‘लिटरेरी नक्सल्स’ पर किये गये हमले की कठोर शब्दों में निंदा करता है। पत्रिका के जून अंक के संपादकीय में पारुल … Continue reading

26 मई को ‘काला दिवस’

26 मई को ‘काला दिवस’ मनाने के आह्वान की हिमायत नयी दिल्‍ली : 22 मई 2021 : चालीस आंदोलनरत किसान संगठनों के साझा मंच, संयुक्त किसान  मोर्चा ने आनेवाली 26 मई के दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने … Continue reading

और अब प्रो. शमीम हनफ़ी (17 नवंबर1938-6 मई 021)

नयी दिल्ली : 7 मई : प्रो. शमीम हनफ़ी साहब दो दिन पहले डीआरडीओ के नवनिर्मित कोविड सेंटर में भरती हुए थे जहां कल उनका इंतिक़ाल हो गया। वे 82 वर्ष के थे। जनवादी लेखक संघ उनके निधन पर गहरा … Continue reading

दिवंगत साथी विजेंद्र की स्मृति को सादर नमन

नयी दिल्‍ली : 29 अप्रैल: ‘गाओ, गाओ-ओ कवि ऐसा,/जिससे टूटे और निराश लोग/जीवन को जीने योग्य समझें’ ऐसा आह्वान करनेवाले कवि विजेंद्र को कोरोना ने हमसे छीन लिया। वे 86 साल के थे। बहुमुखी प्रतिभा के धनी विजेंद्र मुख्यतः कवि … Continue reading

अरविंद कुमार जी के निधन पर

नयी दिल्‍ली- 28 अप्रैल : हिंदी के महान कोशकार और शब्द-साधक अरविंद कुमार का निधन हिंदी दुनिया की एक अपूरणीय क्षति है। जीवन के 90 वर्ष पूरे कर लेने के बाद भी वे सक्रिय और सृजनशील थे। बीते 27 अप्रैल … Continue reading

कथाकार मंज़ूर एहतेशाम

नयी दिल्‍ली : 26 अप्रैल : चर्चाओं से दूर रहकर निरंतर लेखन करनेवाले, अपनी तरह के अनोखे कथाकार मंज़ूर एहतेशाम (3अप्रैल1948-26अप्रैल2021) नहीं रहे. उनका जाना हिंदी जगत की बहुत बड़ी क्षति है. भोपाल निवासी मंज़ूर एहतेशाम सत्तर के दशक में … Continue reading

कथाकार रमेश उपाध्याय हमारे बीच नहीं रहे

नयी दिल्‍ली : 24 अप्रैल: हिंदी के प्रख्यात जनवादी कथाकार रमेश उपाध्याय हमारे बीच नहीं रहे। वे पिछले कई दिनों से कोविड से संक्रमित थे और एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सारी कोशिशों के बावजूद दिनांक 24 … Continue reading