आज दिनांक 23.10.2015 को पांच लेखक संगठनों – जनवादी लेखक संघ, जन संस्कृति मंच, प्रगतिशील लेखक संघ, दलित लेखक संघ और साहित्य-संवाद – के आह्वान पर लेखकों, पाठकों, संस्कृतिकर्मियों का एक मौन जुलूस श्री राम सेंटर, सफ़दर हाशमी मार्ग से … Continue reading
Jales India
WE, the writers, reading public and cultural activists who have assembled at the gate of Sahitya Akademi on the occasion of its Executive Board meeting dated 23-10-2015 express our protest and angst against the ever growing fascistic tendencies and violent … Continue reading
साहित्य अकादमी के कार्यकारी मंडल की बैठक (दिनांक 23.10.2015) के मौक़े पर रवीन्द्र भवन के द्वार पर आये हम लेखक, पाठक और संस्कृतिकर्मी देश में लगातार बढ़ती हुई उस हिंसक असहिष्णुता और फ़ासीवादी प्रवृति के प्रति अपनी चिंता और विरोध … Continue reading
पांच लेखक-संगठनों — जलेस, जसम, प्रलेस, दलेस और साहित्य-संवाद ने जारी की यह प्रेस विज्ञप्ति नयी दिल्ली : 24 अक्टूबर : साहित्य अकादमी के कार्यकारी मंडल ने लेखकों-कलाकारों के ज़बरदस्त विरोध के दवाब में जो प्रस्ताव कल पारित किया है, … Continue reading
लेखकों, पाठकों और संस्कृतिकर्मियों का मौन जुलूस 23 अक्टूबर को सुबह 9:45 बजे श्री राम सेन्टर, सफ़दर हाशमी मार्ग से साहित्य अकादमी, रवीन्द्र भवन तक जैसा कि हम जानते हैं, 23 तारीख़ को साहित्य अकादमी की कार्यकारिणी की एक आपात … Continue reading
देश में लगातार बढ़ती हुई हिंसक असहिष्णुता और कट्टरपंथ के ख़िलाफ़ पिछले कुछ समय से जारी लेखकों के प्रतिरोध ने एक ऐतिहासिक रूप ले लिया है. 31 अगस्त को प्रोफेसर मल्लेशप्पा मादिवलप्पा कलबुर्गी की हत्या के बाद यह प्रतिरोध अनेक … Continue reading
2 से 4 अक्तूबर 2015 को जनवादी लेखक संघ केंद्र की ओर से बांदा में ‘आम्बेडकरवाद और मार्क्सवाद: पारस्परिकता के धरातल’ विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। आयोजन-स्थल था, बांदा के निकट बड़ोखर खुर्द के प्रगतिशील और जागरूक … Continue reading
जनवादी लेखक संघ हिंदी के प्रतिष्ठित कवि श्री वीरेन डंगवाल की मृत्यु पर गहरा शोक प्रकट करता है. वे लम्बे समय से कैंसर से पीड़ित थे. स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं के बावजूद जनपक्षधर संस्कृति-कर्म के साथ उनका जुड़ाव लगातार बना हुआ … Continue reading
जनवादी लेखक संघ का बयान भोपाल में आयोजित दसवें विश्व हिंदी सम्मलेन को हिंदी साहित्य और साहित्यकारों की छाया से जिस तरह दूर रखा गया, वह कतई आश्चर्यजनक नहीं था। एक ऐसे समय में, जब केंद्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ … Continue reading
सुधीर सिंह की रिपोर्ट कन्नड़ विद्वान और अन्धविश्वास-विरोधी मुखर लेखक पूर्व कुलपति प्रो एम एम कलबुर्गी को पिछले सप्ताह हुई हत्या के खिलाफ देश भर में उठी प्रतिवाद की लहर के क्रम में 6 सितम्बर को इलाहाबाद में चन्द्रशेखर आजाद … Continue reading