सितंबर 2025 में बांदा में हुए 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद जनवादी लेखक संघ के केंद्रीय परिषद की पहली बैठक 12 अप्रैल 2026 को लखनऊ के कैफ़ी आज़मी अकादमी सभागार में संपन्न हुई। बैठक का कार्य वृत्त इस प्रकार है-
- राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्थितियों की चर्चा करते हुए जलेस की गतिविधियों पर महासचिव ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। महासचिव की रिपोर्ट पर हुई चर्चा में आये सुझावों को शामिल किया गया। सुझावों को शामिल करते हुए अंतिम रिपोर्ट शीघ्र ही जारी की जायेगी।
- 14 दिसंबर 2025 को नयी दिल्ली में हुई कार्यकारिणी बैठक के बाद साहित्य जगत की जिन विभूतियों का निधन हुआ था, उनके प्रति 2 मिनट का मौन रखकर शोक संवेदना व्यक्त की गयी।
- जनवादी लेखक संघ के बैंक खाते में नामांतरण के संबंध में साथी प्रेम तिवारी ने अवगत कराया कि आवासीय पते से संबंधित कॉन्ट्रैक्ट बन गया है। शीघ्र ही प्रक्रिया पूरी हो जायेगी।
- बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा के राज्य सचिवों ने अपने राज्यों की गतिविधियों से जुड़ी रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथी मनोज कुलकर्णी ने मध्य प्रदेश के संबंध में अपनी बात रखी।
- नवीनीकरण के पश्चात प्राप्त सदस्य संख्या पर चर्चा हुई। हरियाणा के राज्य सचिव ने अवगत कराया कि अभी उनके यहां नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पायी है। वे 30 अप्रैल के बाद रिपोर्ट देंगे। मध्य प्रदेश में भी सिर्फ़ इंदौर से रिपोर्ट मिली है। पश्चिम बंगाल में साथियों के चुनाव में व्यस्त होने के कारण अभी वहां से रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। फिर भी 12 अप्रैल तक जो रिपोर्ट मिली है उसके अनुसार सदस्य संख्या इस प्रकार है- केंद्र (7), इंदौर (16), महाराष्ट्र (35), छत्तीसगढ़ (61), दिल्ली (87), राजस्थान (197), बिहार (253), झारखंड (265), उत्तर प्रदेश (380) – *कुल (1301)*
- बिहार के साथी विजय कुमार सिंह के सुझाव पर निर्णय लिया गया कि सभी स्थानों से नवीनीकरण की संख्या प्राप्त हो जाने के बाद राज्यों में जहां-जहां इकाइयां हैं उन जगहों के नाम के साथ साथियों को सदस्य संख्या से अवगत कराया जायेगा।
- जनवादी लेखक संघ के क्रमिक विकास का दस्तावेज़ीकरण किये जाने के संबंध में केंद्रीय अध्यक्ष चंचल चौहान के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया। समिति में चंचल चौहान के साथ संजीव कुमार और अशोक तिवारी होंगे।
- पिछली कार्यकारणी बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार कहानी विधा पर केंद्रित कार्यशाला आयोजित किये जाने के संबंध में साथी संदीप मील ने अवगत कराया कि कार्यशाला का आयोजन अगस्त 2026 में राजस्थान के अलवर शहर में किया जायेगा।
- पिछली कार्यकारिणी में पारित प्रस्ताव के अनुसार लेखिका सम्मेलन लखनऊ में किये जाने के संबंध में साथी ज्ञान प्रकाश चौबे ने अवगत कराया कि सम्मेलन अक्टूबर अथवा नवंबर 2026 में आयोजित किया जायेगा।
- केंद्रीय परिषद में झारखंड राज्य के तीन साथियों को शामिल किया गया। उनके नाम हैं- आलम आरा, सुधीर पाल और कपिल देव राणा।
- दिल्ली में जलेस कार्यालय के संबंध में साथी प्रेम तिवारी ने अपनी बात रखी। कार्यालय के लिए एक कमरा बनवाये जाने का उन्होंने प्रस्ताव रखा। संभावित ख़र्च को लेकर भी चर्चा हुई। इस संबंध में कुछ साथियों ने व्यक्तिगत उत्साह भी दिखाया किंतु अभी इस मामले पर और गंभीरता से विचार किये जाने की ज़रूरत महसूस की गयी।
- ‘नया पथ’ के प्रकाशन के संबंध में चर्चा हुई। इस बात की ज़रूरत महसूस की गयी कि वेब वर्ज़न का कोई दिन फ़िक्स करके उसे सप्ताह में एक बार अवश्य प्रकाशित किया जाये। प्रस्तावित प्रिंट वर्ज़न के संपादकों का परिचय कराया गया। इस संबंध में अली इमाम ख़ान ने अपनी बात रखते हुए कहा कि संपादक मंडल में एक उर्दू का व्यक्ति भी होना चाहिए।
- मध्य प्रदेश में 26 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित राज्य सम्मेलन टालने का निर्णय लिया गया। तय किया गया कि मध्य प्रदेश में पहले से सक्रिय इकाइयों का नवीनीकरण संपन्न हो जाने के बाद ही राज्य सम्मेलन कराया जाये।
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में इकाई गठित करने के संबंध में चर्चा हुई।
- केंद्रीय परिषद में बिहार इकाई के लिए रिक्त स्थानों पर नये साथियों के नाम शामिल किये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। निर्णय लिया गया कि राज्य सचिव जो भी दो नाम देंगे उन्हें राज्य परिषद में शामिल कर लिया जायेगा।
- केंद्रीय परिषद में दिल्ली की ओर से दो साथी शामिल किये गये। उनके नाम हैं- रेनू बाला और रत्ना सिंह।
- केंद्रीय परिषद में अतुल सिंह का नाम उत्तर प्रदेश की ओर से शामिल किया गया।
- निर्णय लिया गया कि अगली केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक अक्टूबर या नवंबर में नयी दिल्ली में होगी।
- बैठक में प्रतिभाग करने वाले साथियों की संख्या का राज्यवार विवरण इस प्रकार है- राजस्थान (1), मध्य प्रदेश (2), केंद्र (2), हरियाणा (4), दिल्ली (7), झारखंड (9), बिहार (14), उत्तर प्रदेश (21)- *कुल (60)*
- प्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोंसले के निधन की सूचना मिलने पर बैठक के अंत में 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी।