मन्नू भंडारी का देहावसान

नयी दिल्ली : 15 नवंबर 2021 : ‘आपका बंटी’, ‘महाभोज’, ‘यही सच है’, ‘त्रिशंकु’ जैसी कालजयी रचनाओं की प्रणेता, हिंदी की अप्रतिम कथाकार मन्नू भंडारी नहीं रहीं। 90 वर्षीय मन्नू जी का साहित्यिक समारोहों में आना-जाना काफ़ी समय से बंद … Continue reading →

विश्वविद्यालयों की शैक्षिक स्वायत्ता में राजनीतिक दखलंदाज़ी

नयी दिल्ली : 10 नवंबर 021 : आरएसएस के विद्यार्थी विंग, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की मांग पर बीएचयू प्रशासन ने विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के साथ जो कार्रवाई की है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और जनवादी लेखक संघ उसकी … Continue reading →

भारत यायावर का आकस्मिक निधन

नयी दिल्ली 24 अक्टूबर 2021 : हिंदी के गंभीर शोधार्थी, आलोचक और कवि भारत यायावर का आकस्मिक निधन स्तब्ध कर देनेवाला है। 1954 में जन्मे श्री यायावर हज़ारीबाग़ में रहते थे। फणीश्वर नाथ रेणु और महावीर प्रसाद द्विवेदी के वे … Continue reading →

स्मृतिशेष : मुकेश मानस

नयी दिल्ली 5 अक्टूबर 2021 : हिंदी दलित साहित्य के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर, युवा लेखक मुकेश मानस का असमय निधन हिंदी साहित्य और जनवादी आंदोलन से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ा आघात है। 15 अगस्त 1973 को बुलंदशहर में जन्मे … Continue reading →

अलविदा, साथी अली जावेद

नयी दिल्ली : 31 अगस्त : इस कठिन समय में साथी अली जावेद का जाना तरक़्क़ीपसंद-जम्हूरियतपसंद तहरीक के लिए एक सदमा है। वे अभी सत्तर के भी नहीं हुए थे। 13 अगस्त को उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ। तत्काल वे एक … Continue reading →

अलविदा, सूरजपाल चौहान!

नयी दिल्ली : 16 जून : हिंदी दलित साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षर, सूरजपाल चौहान (20 अप्रैल 1955 – 15 जून 2021) का निधन अस्मितामूलक लेखन की बड़ी क्षति है। सूरजपाल जी का जन्म अलीगढ़ ज़िले के फुसावली गांव में हुआ … Continue reading →

गुजराती साहित्य अकादमी, शर्म करो!

नयी दिल्‍ली : 11जून 2021: जनवादी लेखक संघ गुजराती साहित्य अकादमी की पत्रिका, शब्दसृष्टि में प्रकाशित संपादकीय में कथित ‘लिटरेरी नक्सल्स’ पर किये गये हमले की कठोर शब्दों में निंदा करता है। पत्रिका के जून अंक के संपादकीय में पारुल … Continue reading →

26 मई को ‘काला दिवस’

26 मई को ‘काला दिवस’ मनाने के आह्वान की हिमायत नयी दिल्‍ली : 22 मई 2021 : चालीस आंदोलनरत किसान संगठनों के साझा मंच, संयुक्त किसान  मोर्चा ने आनेवाली 26 मई के दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने … Continue reading →

और अब प्रो. शमीम हनफ़ी (17 नवंबर1938-6 मई 021)

नयी दिल्ली : 7 मई : प्रो. शमीम हनफ़ी साहब दो दिन पहले डीआरडीओ के नवनिर्मित कोविड सेंटर में भरती हुए थे जहां कल उनका इंतिक़ाल हो गया। वे 82 वर्ष के थे। जनवादी लेखक संघ उनके निधन पर गहरा … Continue reading →

दिवंगत साथी विजेंद्र की स्मृति को सादर नमन

नयी दिल्‍ली : 29 अप्रैल: ‘गाओ, गाओ-ओ कवि ऐसा,/जिससे टूटे और निराश लोग/जीवन को जीने योग्य समझें’ ऐसा आह्वान करनेवाले कवि विजेंद्र को कोरोना ने हमसे छीन लिया। वे 86 साल के थे। बहुमुखी प्रतिभा के धनी विजेंद्र मुख्यतः कवि … Continue reading →