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अनुक्रम
संपादकीय
तीन सौ रामायणें: विशेष सामग्री
तीन सौ रामायणें: पांच उदाहरण और अनुवाद पर तीन विचार:ए. के. रामानुजन
रामानुजन का आलेख: सांस्कृतिक अनुशीलन की सर्वसमावेशी प्रविधि का अनूठा दस्तावेज़: मुरली मनोहर प्रसाद सिंह
रामायण की समृद्धि, विश्वविद्यालय की निर्धनता: रोमिला थापर से साक्षात्कार
कविताएं
आशा: विजेंद्र
तीन कविताएं: निर्मला गर्ग
तीन कविताएं: शंभु यादव
कहानियां
बिजूखा: राधाकृष्ण सहाय
ज़हर: हसन जमाल
यात्रा: चरण सिंह पथिक
जो है सो: सूर्यनाथ सिंह
ये दाग़-दाग़ उजाला...: कैलाश बनवासी
सिलवर लेक: मुकेश नौटियाल
मैकाले का जिन्न: दिनेश कर्नाटक
धन तेरस: टेकचंद
कोई है: रिज़वानुल हक़
लादेन ओझा की हसरतें: प्रवीण कुमार
लंबी कहानियां
पथभ्रष्ट: अनिता भारती
गिलोटीन: विपिन कुमार शर्मा
अन्य भारतीय भाषाओं की कहानियां
आस्था (उर्दू): मुजीर अहमद आज़ाद
मोमिनवाला का सफ़र (उर्दू): अली अकबर नातिक़
मैना भाभी (पंजाबी): सुकीरत
खाली शीशियां (तेलुगु): स्मैल
डेड लाइन (मलयालम): ई. पी. श्रीकुमार
कथा-आलोचना
कथा-विमर्श के समकालीन संदर्भ: अरविंद कुमार
यह बयान किसका है?: विभास वर्मा
आज की कहानी में गांव और किसान: मोती लाल
सभ्यता बर्बर, बेबस ‘बसेरा’: प्रवीण कुमार
स्मृति-शेष
श्रीलाल शुक्ल: नयी उद्भावनाओं के प्रवर्त्तक: मुरली मनोहर प्रसाद सिंह
दोहरा अभिशाप की याद: बजरंग बिहारी तिवारी
अदम गोंडवी के जाने का मतलब: कांतिमोहन सोज़
अप्रकाशित कुबेरदत्त: कृष्ण कल्पित
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