जनवादी लेखक संघ का संविधान
- सचिव : महासचिवों के कार्यों के संचालन में उनकी मदद करेंगे।
महासचिव की अनुपस्थिति में कार्यकारिणी द्वारा मनोनीत सचिव महासचिव के सभी कार्यों को पूरा करेगा।
- कोषाध्यक्ष :
- कोषाध्यक्ष ज-ले-स- के आय-व्यय का पूरा हिसाब रखेगा।
- कोषाध्यक्ष महासचिवों के साथ संयुक्त रूप से बैंकों के खाते संचाधलित करेगा।
- कोषाध्यक्ष कार्यकारिणी द्वारा नियुक्त ऑडीटर से आय-व्यय के हिसाब की जांच करायेगा और राष्ट्रीय सम्मेलन में पारित कराने के लिए आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करेगा।
केंद्रीय कार्यकारीमंडल : दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में निवास कर रहे केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और पदाधिकारी इस कार्यकारीमंडल के सदस्य होंगे जो समय समय पर बैठकें कर के केंद्र के कार्य का संचालन करेगा ।
(8) राज्य, जिला एवं स्थानीय इकाइयों का सांगठनिक ढांचा :
- ज-ले-स- की राज्य, ज़िला एवं स्थानीय इकाइयों का सांगठनिक ढांचा सामान्यत: केंद्रीय संगठन के अनुरूप ही होगा; किंतु ज़िला इकाइयों में कोषाध्यक्ष, सचिव/अध्यक्ष के साथ संयुक्त रूप से बैंक के खाते को संचालित करेगा।
- राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारी निम्नलिखित होंगे:
- अध्यक्ष
- उपाध्यक्ष
- सचिव
- उपसचिव एवं
- कोषाध्यक्ष
- राज्य कार्यकारिणी के सदस्यों की संख्या राज्य सम्मेलन में तय होगी। पदेन पदाधिकारी इसके सदस्य होंगे।
- ज़िला कार्यकारिणी के पदाधिकारी निम्नलिखित होंगे :
- अध्यक्ष
- उपाध्यक्ष
- सचिव
- उपसचिव एवं
- कोषाध्यक्ष
ज़िला कार्यकारिणी के सदस्यों की संख्या ज़िला सम्मेलन तय करेगा। पदेन पदाधिकारी इसके सदस्य होंगे।
- स्थानीय इकाई का गठन कम-से-कम 5 सदस्य कर सकते हैं।
स्थानीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी निम्नलिखित होंगे :
- अध्यक्ष
- उपाध्यक्ष
- सचिव
- उपसचिव एवं
- कोषाध्यक्ष
(9) अनुशासनिक कार्रवाइयां :
- संघ के घोषणापत्र या संविधान के ख़िलाफ़ कार्य करने वाले किसी भी सदस्य को निलंबित या निष्कासित करने का अधिकार राज्य परिषद को होगा। निलंबित या/और निष्कासित सदस्य को केंद्रीय कार्यकारिणी के सामने अपील करने का अधिकार होगा। इस संबंध में केंद्रीय कार्यकारिणी के निर्णय को केंद्रीय परिषद की अगली बैठक में रखा जायेगा और उसका निर्णय अंतिम होगा।
- संगठन के घोषणापत्र या संविधान के ख़िलाफ़ कार्य करने वाली ज़िला इकाई तथा स्थानीय इकाई को निलांबित या/और भंग करने का अधिकार राज्य परिषद को होगा। निलंबित या/और भंग ज़िला अथवा स्थानीय इकाई को केंद्रीय कार्यकारिणी के समक्ष अपील करने का अधिकार होगा। इस संबंध में केंद्रीय कार्यकारिणी के निर्णय को केंद्रीय परिषद की अगली बैठक में रखा जायेगा और उसका निर्णय अंतिम होगा।
- संघ के घोषणापत्र या संविधान के ख़िलाफ़ कार्य करने वाली राज्य कार्यकारिणी को निलंबित या/और भंग करने का अधिकार केंद्रीय कार्यकारिणी/राज्य परिषद को होगा। इस संबंध में केंद्रीय कार्यकारिणी के निर्णय को केंद्रीय परिषद की अगली बैठक में रखा जायेगा और उसका निर्णय अंतिम होगा।
- जिला अथवा स्थानीय इकाई के भंग होने पर राज्य कार्यकारिणी तदर्थ समिति गठित कर सकती है। राज्य परिषद की अगली बैठक में उसका अनुमोदन करा लेना होगा।
(10) आपात बैठक :
- केंद्रीय परिषद के एक तिहाई सदस्य परिषद की बैठक बुलाने के लिए पहल कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें महासचिव को एक महीने का समय देते हुए नोटिस देना होगा। इस पर भी महासचिव अगर बैठक न बुलायें तो वे खुद बैठक का आह्वान कर सकते हैं।
- कार्यकारिणी के एक तिहाई सदस्य 15 दिन के नोटिस पर कार्यकारिणी की बैठक बुलाने के लिए महासचिव से पहल कर सकते हैं। इस पर भी महासचिव अगर बैठक न बुलायें तो वे खुद बैठक का आह्वान कर सकते हैं।
(11) नियमावली :
ज-ले-स- के संगठनात्मक कार्यों के संचालन के लिए केंद्रीय परिषद संविधान के अनुकूल संघ के नियमों-उपनियमों को तैयार करेगी।
(12) संविधान में संशोधन
राष्ट्रीय सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों के दो तिहाई बहुमत से ज-ले-स- के संविधान मे किसी भी प्रकार का संशोधन किया जा सकता है।
(13) संरक्षक मंडल :
ज-ले-स- का एक संरक्षक मंडल होगा जिसके सदस्यों का नामांकन केंद्रीय परिषद करेगी।
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